पेरिस ओलंपिक 2024 भारत की झोली में आया तीसरा मेडल
स्वप्निल कुसाले ने गुरुवार को पुरुषों के 50 मीटर 3 पोजीशन फाइनल प्रतियोगिता में भारत को ब्रॉन्ज मेडल ( कांस्य पदक) जीतकर पेरिस 2024 ओलंपिक में भारत की झोली में तीसरा पदक जोड़ा। 28 वर्षीय निशानेबाज स्वप्निल कुसाले इस इवेंट में पहले भारतीय ओलंपिक पदक विजेता भी बने।
अब मेडल टैली में भारत के नाम 3 ब्रॉन्ज मेडल हो गए हैं।
पेरिस ओलंपिक में भारतीय शूटर स्वप्निल कुसाले ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. स्वप्निल कुसाले ने मेंस 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन के फाइनल में तीसरा स्थान हासिल किया. इस भारतीय शूटर ने 451.4 प्वॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया. साथ ही स्वप्निल कुसाले ओलंपिक की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय शूटर हैं. भारतीय शूटर ने नीलिंग और प्रोन सीरीज के बाद स्वप्निल कुसाले 310.1 प्वॉइंट्स के साथ पांचवें नंबर पर थे, लेकिन इसके बाद शानदार वापसी किया.
लेकिन क्या आप स्वप्निल कुसाले की कहानी जानते हैं? दरअसल, इस भारतीय शूटर की कहानी पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी से काफी मेल खाती है. स्वप्निल कुसाले भी माही की तरह भारतीय रेलवे में टीसी का काम करते हैं. पूर्व भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी भी इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने से पहले भारतीय रेलवे में टीसी का काम कर चुके थे. वहीं, स्वप्निल कुसाले महाराष्ट्र के कोल्हापुर के कंबलवाड़ी गांव से ताल्लुक रखते हैं. स्वप्निल कुसाले तकरीबन 12 सालों से इंटरनेशनल लेवल पर शूटिंग कर रहे हैं, लेकिन पहली बार मेडल जीतने में कामयाबी मिली है.
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